बीस हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ाया कार्यपालन यंत्री

भोपाल
लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने जल संसाधन विभाग जिला कटनी के एक कार्यपालन यंत्री को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने रिटायर्ड चौकीदार के एरियर भुगतान के बदले रिश्वत की राशि मांगी थी। इसी प्रकार लोकायुक्त की दूसरी टीम ने जबलपुर के एक नगर निगम कर्मचारी को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपी ने पुराने टैक्स धारक के स्थान पर नया नाम चढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी थी। जानकारी अनुसा आवेदक कुंवरलाल रजक जल संसधान विभाग से वर्ष 2024 में चौकीदार के पद से रिटायर हुए थे। वर्ष 2011 से 2017 तक वर्गीकरण की कार्यवाही में न्यायालय जबलपुर के आदेश से 7-8 लाख रुपए एरियर के मिलना थे, किन्तु प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग जिला कटनी वीए सिद्दीकी आवेदक से एरियर के भुगतान के बदले 50 हजार की मांग कर रहा था।शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को वह पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपए रिश्वत लेने को तैयार हो गया। उसके बाद लोकायुक्त की टीम ने सिद्दीकी को उसके शासकीय आवास से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
निगम कर्मचारी चढ़ा लोकायुक्त के हत्थे
लोकायुक्त जबलपुर की दूसरी टीम ने नगर निगम के एक कर्मचारी को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। इस मामले की शिकायत दीपक कुशवाह निवासी मानेगांव जिला जबलपुर ने लोकायुक्त पुलिस से की थी। आवेदक ने शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी के नाम पर नजूल का मकान है। जिसके टैक्स की रसीद में पुराने टैक्स धारक के स्थान पर पत्नी की नाम चढ़ाने के लिए चंद्रभान नोनिया, कर संग्रहता, संभागीय कार्यालय नगर निगम, रांझी जिला जबलपुर द्वारा पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। मंगलवार को पहली किश्त के रूप में तीन हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए चंद्रभान को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।



