बिहारराज्य

बिहार के 3021 गांवों के विकास पर खर्च होंगे ₹634 करोड़, बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा फोकस

पटना
बिहार में पांच एयरपोर्ट और नौ हेलीपोर्ट का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। इसके तहत किशनगंज, छपरा, उलाव (बेगूसराय), फारबिसगंज (अररिया) व सबैया (गोपालगंज) में एयरपोर्ट का निर्माण होगा। जबकि, राज्य के 9 आकांक्षी जिलों औरंगाबाद, बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी में हेलीपोर्ट का निर्माण होगा।

राज्य सरकार परियोजना लागत का 25 प्रतिशत और उड़ानों के संचालन के दौरान सालाना 10 लाख रुपये प्रचार पर खर्च करेगी। हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट से नजदीकी शहर तक मुफ्त पिकअप-ड्रॉप की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा करों में छूट, परिचालन खर्च में सहायता और उड़ानों के लिए निर्धारित वित्तीय सहयोग भी दिया जाएगा। इससे राज्य के अधिक क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

अनुसूचित जाति बहुल 3021 गांवों के विकास पर खर्च होंगे 634 करोड़
बिहार के 3021 अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 634.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत राशि खर्च करने और योजना लागू करने की स्वीकृति दी है। इन गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक और कुल आबादी कम से कम 500 या उससे अधिक होनी चाहिए।

पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, आवास, सड़क, बिजली, स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेशन, डिजीटलीकरण, जीवन-यापन, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को मिलाकर काम किया है।

पटना में बनेगा राज्य का पहला टेक पार्क
बिहार का पहला टेक पार्क पटना के गर्दनीबाग में बनेगा। इसका निर्माण और विकास एनबीसीसी करेगा। राज्य मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में सूचना प्रावैधिकी विभाग और एनबीसीसी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति प्रदान की गई। टेक पार्क परियोजना में 100 से अधिक कंपनियों के निवेश की संभावना है, जिससे पांच हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में टेक पार्क की स्थापना समेत 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। राज्य सरकार का मानना है कि टेक पार्क बिहार आइटी नीति-2024 और बिहार जीसीसी नीति-2026 के तहत निवेश आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिलने और दूसरे राज्यों में उनका पलायन रोकने में मदद मिलेगी। विभाग का दावा है कि राज्य की राजधानी में एक विश्वस्तरीय संरचना का स्थापित होना युवाओं, उद्यमियों और कार्यशील वर्ग की आकांक्षाओं के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है।

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