लखनऊ के फैजुल्लागंज में सांपों का आतंक, घरों से लेकर सेप्टिक टैंक तक बना लिया बसेरा

लखनऊ
चौड़ा फन और लंबाई एक मीटर से अधिक, किसी पर हमला कर दे तो क्या होगा? सोचकर ही डर लगता है, लेकिन फैजुल्लागंज में बाढ़ से राहत पाए लोगों के सामने अब सांप खतरा बन गए हैं।
बाढ़ के समय घरों में बसेरा बना चुके इन सांपों को वन विभाग की टीम लगातार पकड़ रही है। अब तक 110 सांपों को पकड़ा गया है, जिनमें कोबरा, कामन करैत, रसल वाइपर, अजगर जैसे सांप थे। बाढ़ के बाद घरों में हुए कीचड़ और गड्ढों में जगह बना लेने की वजह से इन सांपों को पकड़ना मुश्किल हो रहा था।
अब पानी निकलने के बाद ये सांप मौका पाकर बाहर आने लगे। वन विभाग ने इतनी अधिक संख्या में सांपों को देखे जाने के बाद 20 टीमें बनाईं और लखनऊ के सभी रेंज के अफसरों को तैनात किया गया, जिससे कोई चूक न हो सके।
फैजुल्लागंज के एक घर में मौजूद कोबरा को जब पकड़ने की कोशिश की गई तो उसके चेहरे के भाव ही बता रहे थे कि हमला कर देगा। कई तो पेड़ पर लटके थे। घर में बिजली न होने के कारण लोगों ने टार्च खरीदी और दलदल से पता चल रहा था कि सांप गुजरा है।
या फिर उनकी आवाज सांप होने का अहसास करा रही थी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिन का समय गृहस्थी को ठीक करने में लग जाता तो रात के समय सोने में डर लगता है कि कहीं सांप न जाए। लोग अपने दरवाजे और खिड़कियों की खाली जगह को भी खुली नहीं छोड़ना चाहते।
घरों के सेप्टिक टैंक को भी बना लिया बसेरा
सांप सेप्टिक टैंक तक पहुंच गए और अब वहां से निकलकर घरों में पहुंच रहे हैं। इस पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि नगर निगम ने निर्णय लिया है कि सभी सेप्टिक टैंकों की मुफ्त में सफाई कराई जाएगी।
बाढ़ के बाद सांप तो निकलते हैं, लेकिन फैजुल्लागंज में इनकी संख्या अधिक पाई गई। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और सांप होने की सूचना मिलने पर तत्काल पहुंच रही है।
– सितांशु पांडेय, डीएफओ अवध



