उत्तर प्रदेशराज्य

UP Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव प्रक्रिया में तेजी की उम्मीद

प्रयागराज
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है। साथ ही निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के पद पर बनाए रखने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव से संबंधित याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार के शासनादेश में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके तहत निवर्तमान प्रधान प्रशासक के पद पर बने रहेंगे।

जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही थी. याचिकाओं में योगी सरकार के 25 मई के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था. इन मामलों में यूपी सरकार, निदेशक पंचायती राज, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। 

ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट पर भी असंतोष
हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव से जुड़ी सभी याचिकाओं को संबद्ध कर दिया था और सभी पर एक साथ सुनवाई हुई. याची दशरथ यादव समेत अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन, अनिल कुमार, अकबर अंसारी और हेमचंद्र की ओर से दाखिल याचिकाओं पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी। 

इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट पर असंतोष जताया था. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि रिपोर्ट फील्ड में जाकर तैयार नहीं की गई, बल्कि दफ्तर में बैठकर तैयार की गई है। 

दरअसल, ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने का मामला कोर्ट पहुंचा था। इस मामले में याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button